✨"ख्वाब"✨

Hello, নমস্কার, नमस्ते.....
It's me PURB and in today's blog we're not going to talk on any topic.....(cause I have procrastinated 😶)
So today I just thought of posting a self written poem.... Here, I have just presented my thoughts in this poem...
(Hope you'll like it)
                         ~  ख्वाब  ~
              ये ख्वाब ! ये हसीन ख्वाब !
     जिन्हें इस नादान से दिल ने बड़े ही प्यार-से बुने हैं,
             और बड़ी ही उम्मीद के साथ,
             इस भीड़ भरी दुनिया में चुने हैं ।

  इन ख्वाबो की शुरूवात कहां से हुई ये तो याद नहीं !
            लेकिन ये कहां जाकर खत्म होगी  
              उसे इस दिल ने ठान लिया है।
                 मानो गाठ बांध ली हो !

     इनके साथ हमारा रिश्ता बड़ा ही अजीब-सा हैं !
           कभी लगता हैं प्यार की तरह है,
          मानो एक-दूजे  के लिए ही बने हैं ।
    कभी लगता हैं एक मां और उसके बच्चे की तरह,
  एक अटूट-सा बंधन ~ कर्तव्य, प्यार और परवा का ।
          और कभी-कभी लगता है दोस्ती का,
      बिन कुछ कहे एक-दूसरे को समझ जाते हैं                            और साथ देते हैं ।

पर जब आखिर में देखती हूं तो ये समझ आता हैं कि 
ये ख्वाब और मेरा रिश्ता माना कि थोड़ा अजीब-सा हैं
                       पर गहरा  भी......

                      जैसे जलेबी !
    भले ही दिखने में टेढ़ी-मेढ़ी भूल भुलैया जैसी हो,
          पर खाने में रसीली और मीठी.....।

          इसलिए तो मैं और मेरे ख्वाब, 
    हम दोनों एक दूसरे का हाथ कभी नहीं छोड़ते....
        चाहें वक्त कितना ही बुरा क्यों न हो, 
        चाहें मुश्किलें कितनी ही क्यों न आए......
   ऐसा लगता हैं मानो मेरे ख्वाब मुझसे कह रहे हो ~
   चाहे इस जिंदगी की कितने ही उतार चढ़ाव क्यों न                               आए.....
                    ✨~मैं हूं ना ~✨
This is all for today's Blog, I hope you guys get motivated with it and show some love to your ख्वाब ....
See you guys in the next blog...till then खाओ, पीयो, ऐश करो मित्रों ✨🌜
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